Wednesday, 16 January 2013

इन्द्रधनुषी रंग...

रंगों से भरी एक शाम देखने की तमन्ना
तुम होते तो
वो रंगीन शाम उतरती

उस शाम की लाली से मांग भरने की तमन्ना
तुम होते तो
वो तारों से चमकती

उन सितारों की लकीर टांकने की तमन्ना
तुम होते तो
रंगीन आँचल लहराती

उन रंगीनियों से एक रात रंगने की तमन्ना
तुम होते तो
आँख हज़ार सपने बुनती

उन सपनों को उजली सुबह देने की तमन्ना
तुम होते तो
हर सुबह महकती

उस महक से ज़िन्दगी महकाने की तमन्ना
तुम होते तो
ज़िन्दगी जी जाती

उस एक दिन और एक रात को पाने की तमन्ना
तुम होते तो
उन पलों में इन्द्रधनुष खिला लेती

ज़िन्दगी में सारे रंग भरने की तमन्ना
तुम होते तो
..........................

~Rashmi~


1 comment:

  1. बहुत सुन्दर.....
    कोमल से भाव लिए कविता है....

    सस्नेह
    अनु

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