Wednesday, 10 October 2012

कुछ मिल गया मुझमे ,,,

कुछ मिल गया मुझमे ,,,
सोचती हूँ सिर्फ बातों से क्या कोई इतना दिल में उतरता है
सिर्फ बातें ही तो करी थी हमने चंद दिनों
फिर क्यों आज भी तुम्हारे जाने के इतने दिनों बाद
हर आहट पर तुम्हारा ही चेहरा तैर आता है
संभल कर दिन बिताने के बाद
दिल जार जार रोता है
सिर्फ बातों से क्या कोई इतना दिल में उतरता है

शायद... तुम मिल गए मुझमे,,,
बातें थी ही इतनी मीठीं
घुल गयीं ज़िन्दगी में मिठास बन कर ,,,

~Rashmi~

2 comments:

  1. शायद तुम घुल गए मुझमें.....
    आह !!!


    अनु

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  2. बातें थी ही इतनी मीठीं ...घुल गयीं ज़िन्दगी की मिठास बन कर...Wah minidi

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