Tuesday, 16 October 2012

कहानी...

चलती जा रही तेरी मेरी एक कहानी है
जाने कैसे शुरू, जाने क्या है अंत
बस एक रवानी है


छू कर समां जाओ, फिर तड़प जाओ
इश्क की रीत पुरानी है

न मांगो कुछ, न पाओ कुछ
बात तेरी सयानी है

नासमझ दिल को फिर समझाओ
ये तो बस एक कहानी है

फिर भी ...बस 
चलती जा रही तेरी मेरी एक कहानी है
~Rashmi~

2 comments:

  1. इश्क के सागर में उतरना सम्हाल के
    ये तो एक दरिया तूफानी है...
    :-)

    सुन्दर!!!!

    अनु

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  2. चाहे नज़र मिलाओ या नज़र चुराओ...गहरा पानी ही पानी है...शुक्रिया अनु दी

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